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Friday, 3 May 2019

Share market in hindi

Share market in hindi 

What is Share Market in Hindi शेयर मार्केट की जानकारी, कैसे करें यहां कमाई और कैसे बचें रिस्क से यहां निवेश करने से पहले हिंदी में जान लें यह सब पहलू। शेयर बाजार में पैसा बनाना बहुत आसान है उसी प्रकार यहां पैसा खोना भी बहुत आसान है। इससे बचा जा सकता है अगर आप स्वंय शेयर मार्केट के बारे में अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करें, शोध करें और दूसरों के दिये टिप्स पर न जायें। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले जान लें यह पहलु जिनसे आपको पता चले कि कैसे करें कमाई और कैसे बचें रिस्क से।






अलग तरह की प्रतिभा नहीं चाहिए

शेयर बाजार एक खतरनाक खेल है, इसमें कूदने से पहले इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी ले लेना बहुत आवश्यक है। मगर इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए कोई अलग तरह की प्रतिभा या योग्यता ही चाहिए. कोई भी कोशिश करके जान सकता है कि शेयर क्या हैं और शेयर बाजार की जानकारी ले सकता है.

Share Market understanding in Hindi

आसान हिंदी में शेयर मार्किट की जानकारी मिलना कठिन होता है. शेयर मार्किट की जानकारी केवल कुछ लोगों तक ही सीमित क्यों रहे?  यहां आपको कोई विशेष शेयरों के बारे में टिप्स नहीं देने वाला हूं मगर आपको शेयर बाजार के तकनीकी पहलुओं से हिंदी में अवगत करने की कोशिश करुंगा। साथ ही पाढिये शेयर बाजार में कम से कम कितना निवेश कर सकते हैं अौर शेयर मार्केट में प्रयोग होने वाले शब्द और उनके अर्थ हमारी साइट पर। साथ ही शेयर होल्डर के अधिकार समझिये आसान हिंदी में।

शेयर बाजार क्या है

शेयर बाजार वास्तव में कंप्यूरों का नेटवर्क है जिस पर शेयर खरीदने और बेचने वाले अपने ब्रोकरों के द्वारा करते हैं जिनका उच्च श्रेणी के सॉफ्टवेयर द्वारा तीव्र गति से मिलान किया जाता है। भारत के प्रमुख शेयर बाजार हैं बंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज।यहां शेयर बाजार क्या है विस्तार से पढ़ें। साथ ही पढ़ें शेयर कैसे खरीदें।
यह ब्लाग Share Bazar in Hindi होगा डम्मीस के लिये। यहां जानिये कैसे आप इन्फोसिस, रिलायन्स या एयरटेल में हिस्सेदार बन सकते हैं। क्या होते हैं राईट और बोनस शेयर। कैसे पढ़ें कंपनियों के तिमाही, छमाही और वार्षिक नतीजे। क्या होता है EPS और क्या होता है PE रेश्यो  और इसका शेयर की कीमत पर क्या असर होता है।

शेयर बाज़ार के रिस्क को समझना

आपने कई इस तरह के किस्से सुनें होंगे कि कैसे कोई रातों रात शेयरों में पैसा लगा कर अमीर बन गया। आपने यह भी सुना होगा कि कैसे कोई कम्पनी का शेयर मल्टीबैगर था और कुछ ही समय में दो गुना, तीन गुना या कई गुना हो गया। इससे उलट यह भी सुना होगा कि कैसे कोई शेयर बाजार में निवेश कर के बहुत घाटे में आ गया। हमारा उद्देश्य होना चाहिए कि इस फ़ायदे और घाटे में संतुलन बना कर अपने निवेश पर ऐसा रिटर्न निरंतर प्राप्त कर सकें जिससे हमारा निवेश अधिक रिस्क में ना फँसे। तो जब हम इस ब्लॉग पर Share Market in Hindi के बारे में पढ़ेंगे तो यह भी सिखाने की कोशिश करेंगे कि कैसे अपने रिस्क को कम से कम कर सकते हैं।

उम्र के अनुसार शेयर मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता

Share Market investors age in Hindi यहां आपको यह भी समझने की आवश्यकता है कि निवेशक की उम्र के साथ साथ कैसे उसका रिस्क प्रोफ़ायल भी बदलता है। कम उम्र का निवेशक अधिक रिस्क ले कर आक्रामक रूप से निवेश कर सकता है क्योंकि उसके पास अधिक कमाई करने के लिए अभी बहुत समय है और हो सकता है कि उस पर बहुत अधिक जिम्मेदारियाँ ना हों। 40 से 50 की उम्र तक आते आते रिस्क लेने की क्षमता कम हो जाती है और ज़िम्मेदारियाँ बढ़ जातीं हैं। इस उम्र में डिफ़ेंसिव हो कर कैसे निवेश करें यह भी समझना आवश्यक है।

आयु अौर 100 का फार्मुला

आम तौर पर कहा जाता है कि अपनी उम्र को सौ में से घटा दीजिये अौर जो बचे अपने निवेश का उतने प्रतिशत शेयर बाजार में निवेश करें। उदाहरण के लिये यदि आप की उम्र 25 साल है तो 100 में से 25 घटाने से 75 बचेगा। तो 25 कि आयु में अपनी बचत का 75% शेयर बाजार में निवेश करना चाहिये। इसी प्रकार 60 की उम्र में 40% निवेश शेयरों में करना चाहिये।

डाइवर्सिफाई कीजिए और शेयर मार्केट में रिस्क से बचिए

साथ ही जानिये कि किस तरह निवेश को डाइवर्सिफाई करके निवेश के रिस्क को कम किया जा सकता है. निवेश के लिए कंपनी कैसे चुन सकते हैं. किस तरीके से निवेश को डाइवर्सिफाई कर सकते हैं. लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप कम्पनियों में निवेश का क्या नजरिया होना चाहिए. हेजिंग क्या है और इससे शेयर बाजार में निवेश के रिस्क को कैसे कम किया जाता है. फ्यूचर और ऑप्शन्स क्या हैं यह भी समझने की कोशिश करेंगे.

Share Market के तकनीकी पहलू Hindi में

शेयरों की फेस वैल्यू और बुक वैल्यू में क्या फर्क है? शेयर कैसे खरीदे जाते हैं? म्यूचुअल फंड्स कितने प्रकार के होते हैं. ETF क्या होता है? NAV क्या होता है और इसकी गणना कैसे करते हैं? निफ्टी और सेंसेक्स क्या होता है और इनकी गणना कैसी की जाती है.  इसी प्रकार के अनगिनत तकनीकि पहलुओं की जानकारी लीजिये यहां।

पर्सनल फ़ाइनैन्स

शेयर बाजार के अलावा मैं आपको यहाँ हिंदी में बताऊंगा बीमा, निवेश और म्यूचुअल फंड के बारे में भी. इसके आलावा जानिये टैक्स बचाने के तरीके. साथ ही पैसा बचाने के तरीके और फाइनेंस जगत की तमाम छोटी बड़ी जानकारियाँ हिंदी में. शेयर बाज़ार में निवेश करने का सबसे आसान तरीक़ा है म्यूचूअल फ़ंड के ज़रिए निवेश करना। यहाँ हमारा अलग से पूरा एक वर्ग म्यूचूअल फ़ंड्ज़ को समझने और उनके बारे में जानकारी देने का भी है। Share Market को Hindi में समझने  के अलावा पर्सनल फ़ाइनैन्स, टैक्स बचत, रेटायरमेंट और पैसा बचाने के टिप्स भी दिए जाएँगे। आप हमारे इस ब्लॉग को बुकमार्क कर लें और नये लेख पढ़ने के लिये आते रहें।

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